नेशनल
सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर गूंजा सड़क सुरक्षा का संदेश, नुक्कड़ नाटक के जरिए किया जागरूक
युग संस्कृति न्यास एवं EFKON STRABAG ने दिल्ली पुलिस एवं दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से आयोजित किया ‘सुरक्षित सफर’ रोड सेफ्टी अवेयरनेस प्रोग्राम नई दिल्ली, 2 अक्टूबर: सड़क सुरक्षा के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से युग संस्कृति न्यास एवं EFKON STRABAG द्वारा दिल्ली पुलिस एवं दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के सहयोग […]
बिज़नेस
कला जो दीवार नहीं, घर का हिस्सा बने: पलक गुप्ता का ‘OBRA The Palak’s’ हयात सेंट्रिक, चंडीगढ़ में
17 अक्टूबर को एक दिवसीय प्रदर्शनी में कैनवास, लकड़ी, सिरेमिक और फ़ैब्रिक पर बनी मौलिक कलाकृतियाँ, क्यूरेटर फ़ेनी लूथरा गोयल चंडीगढ़, 10 अक्टूबर: कुछ कलाकृतियाँ बस जगह भरती हैं, और कुछ उस जगह का हिस्सा बन जाती हैं। इसी सोच के साथ चंडीगढ़ की कलाकार पलक गुप्ता का आर्ट स्टूडियो ‘OBRA The Palak’s’ अपनी प्रदर्शनी […]
क्या EPF और NPS आपके रिटायरमेंट के लिए काफी हैं?
नई दिल्ली, 6 अक्टूबर: तीस साल पहले रिटायर होने वाले एक सरकारी कर्मचारी को अपने भविष्य के बारे में एक बड़ी बात पहले से मालूम होती थी: नौकरी खत्म होने के बाद हर महीने कितनी रकम मिलेगी। 1990 के दशक में केंद्र सरकार से रिटायर होने वाला कोई कर्मचारी अपनी आखिरी सैलरी और सेवा के […]
लाइफस्टाइल
DGT Global ने Abhishek Gaur के नेतृत्व में प्रतिभा, डिजिटल मीडिया और मनोरंजन का नया मंच तैयार किया
नई दिल्ली, 8 अक्टूबर: DGT Global (Dreams Growing Talent) प्रतिभा खोज, डिजिटल मीडिया, मनोरंजन, रचनाकारों के अवसर और सामुदायिक जुड़ाव के क्षेत्र में एक नए दौर का मंच विकसित कर रहा है। पंजाब के गुरदासपुर में रहने वाले डिजिटल रणनीतिकार और उद्यमी Abhishek Gaur द्वारा स्थापित यह मंच उभरती प्रतिभाओं को खोजने, प्रोत्साहित करने, मंच […]
हिंदी में ज्योतिष अध्ययन के लिए हर्ष बावलिया (Harsh Bavaliya) की पाँच पुस्तकों का संग्रह
हर्षज्योतिषम् के तीन खंडों के साथ हर्षविधानम् और हर्षसूक्ष्मम् में क्रमबद्ध अध्ययन और अभ्यास पर जोर मुंबई (महाराष्ट्र), 8 अक्टूबर: हिंदी में ज्योतिष को क्रम से समझने और उसका अभ्यास करने वाले विद्यार्थियों तथा जिज्ञासु पाठकों के लिए लेखक हर्ष बावलिया (Harsh Bavaliya) का पुस्तक-संग्रह विभिन्न अध्ययन आवश्यकताओं को साथ लाता है। इसमें हर्षज्योतिषम् शृंखला […]
परदादा लाइट के खंभे से गिरे थे, परपोते शिव मांडलिक ने वही खंभा जमीन पर उतार दिया
अहमदाबाद (गुजरात) [भारत], 5 अक्टूबर: साल 1956। गांव में लक्ष्मणभाई काम के लिए लाइट के खंभे पर चढ़े थे। न कमर में सेफ्टी बेल्ट थी, न नीचे कोई जाल। अचानक वे नीचे आ गिरे और फिर कभी नहीं उठे। सत्तर साल बाद उनके परपोते, अहमदाबाद के 18 वर्षीय शिव मांडलिक (Shiv Mandlik), एक ही सवाल […]
